1. तुम
हँसों
तो
खुशी
मुझे
होती
है...
तुम रूठो तो आँखे मेरी रोती हैं...
तुम दूर जाओ तो बेचैनी मुझे होती है...
महसुस कर के देखो मोहब्बत
ऐसी ही होती है........
तुम रूठो तो आँखे मेरी रोती हैं...
तुम दूर जाओ तो बेचैनी मुझे होती है...
महसुस कर के देखो मोहब्बत
ऐसी ही होती है........
2.ना
जाने
कौनसी,
दौलत
हैं..!
दोस्तों के ,लफ़्जों में..!
बात करते है तो.!
दिल ही खरीद लेते हैं
दोस्तों के ,लफ़्जों में..!
बात करते है तो.!
दिल ही खरीद लेते हैं
3. नींद
से
क्या
शिकवा
जो
आती
नहीं,
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !!
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !!
4.दिल
मजबूर
हो
रहा
है
तुम
से
बात
करने
को,
बस जिद ये है कि सिलसिले का आग़ाज़ तुम करो..
बस जिद ये है कि सिलसिले का आग़ाज़ तुम करो..
5.दिल
मजबूर
हो
रहा
है
तुम
से
बात
करने
को,
बस जिद ये है कि सिलसिले का आग़ाज़ तुम करो..
बस जिद ये है कि सिलसिले का आग़ाज़ तुम करो..
6.ना
कोई
इजहार
है
ना
कोई
इकरार
है
फिर ना जाने क्यूं
ये दिल इतना बेकरार है l
फिर ना जाने क्यूं
ये दिल इतना बेकरार है l
7.जिन्हें
सांसो
की
महक
से
इश्क
महसूस
ना
हो,
वो .......
गुलाब देने भर से हाल -ए -दिल क्या समझेगी।
वो .......
गुलाब देने भर से हाल -ए -दिल क्या समझेगी।
जिन्हें सांसो की
महक
से
इश्क
महसूस
ना
हो,
वो .......
गुलाब देने भर से हाल -ए -दिल क्या समझेगी।
वो .......
गुलाब देने भर से हाल -ए -दिल क्या समझेगी।
8.तूने
मेरी
मोहब्बत
की
गहराईयों
को
समझा
ही
नहीं
ऐ
सनम..!
तेरे बदन से जब दुपट्टा सरकता था तो हम "अपनी" नज़रे झुका लेते थे..!
तेरे बदन से जब दुपट्टा सरकता था तो हम "अपनी" नज़रे झुका लेते थे..!
9.माना की तेरे दर पे हम खुद चल कर आए थे,
ऐ इश्क दर्द, दर्द और बस दर्द...ये कहाँ की मेहमान नवाजी ह
10.बताओ फ़िर' उसे क्यूँ नहीँ मेहसूस होती बेचैनियां मेरी,
जो अक्सर केह्ती है , "बहुत अच्छे से जानती हूँ मैँ तुम्हेँ"
11.नसीब नसीब की बात होती है...
कोई नफरत देकर भी बेपनाह प्यार पाता है...
और कोई बेपनाह प्यार देकर भी यहाँ...
बस खाली हाथ रह जाता है...
12.ज़माने से नहीं, तन्हाई से डरते हैं,
प्यार से नहीं, रुसवाई से डरते हैं,
मिलने की उमंग है दिल में लेकिन,
मिलने के बाद तेरी जुदाई से डरते हैं
13.मेरी नीम सी ज़िन्दगी शहद कर दे,
कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे
कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे

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